लड्डू के लालच में Tiwari Ji बने ‘चमत्कार’ 12 नवंबर को ‘भाबी जी घर पर हैं’ में हँसा-हँसा कर लोटपोट करने वाला ड्रामा भाबी जी घर पर हैं में कानपुर की गलियों का ड्रामा कभी खत्म नहीं होता तिवारी जी रोहिताश्व गौड़ और उनके परम पड़ोसी विभूति जी आसिफ़ शेख रोज़ाना नई मुसीबतें मोल लेते हैं , खासकर जब बात अपनी-अपनी भाभियों को इंप्रेस करने या किसी फ्री के फायदे की हो । आगामी 12 नवंबर 2025 का एपिसोड एक बार फिर दर्शकों को हँसी के ज़बरदस्त डोज़ से लोटपोट करने वाला है , क्योंकि इस बार लालच का शिकार कोई और नहीं , बल्कि हमारे प्यारे तिवारी जी होने वाले हैं ।
🤩 Angoori Bhabi Ka Naya Aavishkar ‘चमत्कारिक’ लड्डू इस बार की कहानी की शुरुआत अंगूरी भाबी शुभांगी अत्रे के नए ‘चमत्कारिक’ नुस्खे से होती है । अंगूरी भाबी गलती से या किसी की सलाह पर , कुछ ऐसे खास लड्डू बनाती हैं जिन्हें खाने से कोई खास ‘चमत्कार’ हो सकता है । यह चमत्कार कुछ भी हो सकता है—जैसे आवाज़ बदलना , ताकत बढ़ जाना , या फिर अजीबोगरीब व्यवहार करना Tiwari Ji Ka Lalach जब तिवारी जी को पता चलता है कि ये लड्डू उनके बिज़नेस में मुनाफा बढ़ा सकते हैं या उन्हें अनीता भाबी विदिशा श्रीवास्तव के सामने ‘सुपरमैन’ साबित कर सकते हैं , तो वह तुरंत लालच में आ जाते हैं । Vibhuti Ji Ka Competition विभूति जी को जब पता चलता है कि तिवारी जी इन लड्डुओं के पीछे पड़े हैं , तो वह भी किसी चमत्कार के चक्कर में उनसे पहले लड्डू हथियाने की कोशिश करते हैं ।
😂 12 नवंबर 2025 चमत्कारी लड्डू का असर 12 नवंबर के एपिसोड में लड्डू खाने के बाद तिवारी जी पर इसका असर देखने लायक होगा । तिवारी जी का व्यवहार अचानक बदल जाता है । हो सकता है वह एकदम से बहुत फ़ैशनेबल हो जाएँ और विभूति जी की तरह अंग्रेज़ी झाड़ने लगें , या फिर उनकी आवाज़ किसी बच्चे जैसी हो जाए अंगूरी भाबी और अनीता भाबी दोनों ही तिवारी जी के इस नए अवतार को देखकर हैरान हो जाती हैं । अनीता भाबी , तिवारी जी के इस अचानक आए बदलाव से प्रभावित होने की बजाय , उन्हें पागल समझ सकती हैं । विभूति जी इस परिस्थिति का पूरा फायदा उठाते हुए , तिवारी जी को और भी ज़्यादा बेवकूफ़ बनाने की कोशिश करेंगे , ताकि वह खुद को अनीता भाबी के सामने ‘समझदार’ साबित कर सकें ।
क्या Master ji की सलाह देगी झटका ? यह भी संभव है कि इस पूरे ‘चमत्कार’ के पीछे हप्पू सिंह , टिल्लू , या पेलू की कोई गलत सलाह हो , या फिर डॉक्टर या पंडित जी की कोई अजीबोगरीब भविष्यवाणी हो । अंततः , तिवारी जी को एहसास होगा कि लालच बुरी बला है और उन्हें अपने सामान्य ‘सही पकड़े हैं’ अवतार में वापस आने के लिए और भी ज़्यादा पापड़ बेलने पड़ेंगे । यह एपिसोड गारंटी देता है कि कानपुर के इन पड़ोसियों की हरकतें आपको हँसी के मारे पेट दर्द करवा देंगी